मेरठ में हीट इंडेक्स 52 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल, सीजन की सबसे गर्म रही रात

मेरठ में हीट इंडेक्स 52 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल, सीजन की सबसे गर्म रही रात

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Heat index in Meerut reached 52°C

मेरठ। Heat index in Meerut reached 52°C: मानसून के पहले उमस भरी गर्मी का सितम लगातार जारी है। मौसम के तल्ख तेवरों के चलते न तो दिन में चैन है और न ही रात में। शनिवार को सीजन की सबसे गर्म रात रही।

न्यूनतम तापमान 30 और अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यह दोनों तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक रहे। दोपहर डेढ़ बजे के आसमान में बादल छा गए और कहीं कहीं बूंदाबांदी हुई।

इससे राहत की जगह उमस भरी गर्मी का प्रकोप और बढ़ गया। पंखा और कूलर के सामने बैठने के बावजूद लोग पसीना-पसीना रहे। 

39.6 डिग्री तापमान उमस के कारण लोगों को 52 डिग्री सेल्सियस जितना कष्टकारी लगा 

आर्दता का अधिकतम प्रतिशत 62 और न्यूनतम प्रतिशत 48 रहा। हीट इंडेक्स 52 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। जो शनिवार को 50 था। कहने का तात्पर्य है कि 39.6 डिग्री सेल्सियस का तापमान उमस के कारण लोगों को 52 डिग्री सेल्सियस जितना कष्टकारी लग रहा था।

सरदार वल्ल्भ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के मौसम केंद्र के प्रभारी डा. यूपी शाही ने बताया कि सोमवार को भी मौसत के तेवर तल्ख रहेंगे। मानसून की बरसात बुधवार से देखने को मिल सकती है।

बरसात हुई तो फिर भर जाएंगे नाले, किनारे ही लगा दिए सिल्ट के ढेर

मेरठ। मानसून आने वाला है इसलिए नालों और नालियों की सफाई का अभियान चल रहा है लेकिन जमीनी हकीकत इस अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़े कर रही है। अधिकांश क्षेत्रों में नालों से निकाली गई सिल्ट को किनारे सड़क पर ही ढेर लगाकर छोड़ दिया गया है।

सफाई तो कर दी गई लेकिन सिल्ट के उसी समय उठान की व्यवस्था नहीं होने से पूरी कवायद अधूरी दिखाई दे रही है। यदि अगले कुछ दिनों में मानसून की पहली तेज बारिश हो गई तो यही सिल्ट बहकर दोबारा नालों में चली जाएगी। ऐसे में जिन नालों को साफ करने में समय, श्रम और सरकारी धन खर्च किया गया है, वे फिर से सिल्ट और कूड़े से भर सकते हैं। इससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होगी और जलभराव की समस्या हो सकती है।

दिल्ली रोड पर टीपी नगर, शाप्रिक्स माल और रिठानी के पास पड़ी सिल्ट से लोगों को समस्या हो रही है। इसी तरह से समस्या शहर में कई सड़कों पर हो रही है।